मयखाने से पूछा आज, इतना सन्नाटा क्यों है,
मयखाना भी मुस्कुरा के बोला, लहू का दौर है साहब, अब शराब कौन पीता है!
Picture SMS 91930
एक तेरा ही नशा था जो शिकस्त दे गया मुझे;
वरना मयखाने भी तौबा करते थे मेरी मयकशी से।
Picture SMS 91929
मुझको पढ़ पाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं;
मै वो किताब हूँ जिसमे शब्दों की जगह जज्बात लिखे है।
Picture SMS 91884
एक मुट्ठी इश्क़ बिखेर दो इस ज़मीन पे;
बारिश का मौसम है शायद मोहब्बत पनप जाए।
Picture SMS 91883
गुनगुनाना तो तकदीर में लिखा के लाए थे;
खिलखिलाना दोस्तों ने तोहफे में दे दिया!
Picture SMS 91861
मेरे शहर में खुदाओं की कमी नहीं,
दिक्कत मुझे इंसान ढूँढने में होती है।
Picture SMS 91860
इतने कहाँ मसरूफ हो गए हो आजकल;
की अब दिल दुखाने भी नहीं आते!
Picture SMS 91823
जहाँ कमरों में कैद हो जाती है "जिंदगी",
लोग उसे "बड़ा शहर" कहते हैं!
Picture SMS 91822
खता मत गिन दोस्ती में, कि किसने क्या गुनाह किया;
दोस्ती तो एक नशा है, जो तूने भी किया और मैंने भी किया!
Picture SMS 91791
मयखाने से पूछा आज, इतना सन्नाटा क्यों है,
मयखाना भी मुस्कुरा के बोला, लहू का दौर है साहब, अब शराब कौन पीता है!
Picture SMS 91790
Analytics