जो तो प्रेम खेलन का चाव;
सिर धर तली गली मेरी आओ।
कलगीधर पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की मंगल कामनाएं!
Picture SMS 44074
सूरा सो पहचानिये जो लरे दीन के हेत;
पुर्जा पुर्जा कट मरे कबहूँ ना छाडे खेत।
संत सिपाही श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की मंगल कामनाएं!
Picture SMS 44073
पिता जिसका था हिन्द की चादर;
आप बना वो रक्षक निमानों का;
खिड़े माथे जिसने सरबंस वार दिया;
वो है गुरु बलिदानियों का;
जिसका जीवन था देश और कौम के नाम;
यह है साका उसकी कुर्बानियों का।
श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की मंगल कामनाएं!
Picture SMS 44072
देह शिवा वर मोहि इहै;
शुभ करमन पे कबहूँ ना टरों;
ना डरो अर सो जब जाये लरों;
निश्चय कर अपनी जीत करो।
कलगीधर पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की मंगल कामनाएं!
Picture SMS 44071
राज करेगा खालसा, आकी रहे ना कोए;
वाहेगुरू जी का खालसा वाहेगुरू जी की फ़तेह।
कलगीधर पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की मंगल कामनाएं!
Picture SMS 44070
चिड़ियों के संग बाज़ लड़ाऊँ;
तभी गोबिंद सिंह नाम कहाऊँ।
श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की मंगल कामनाएं!
Picture SMS 44004
मन में सींचो हर-हर नाम;
अंदर कीर्तन हर गुण गाम;
ऐसी प्रीत करो मन मेरे;
आठ पहर प्रभ जानो नेरे;
कहो गुरु जी का निर्मल भाग;
हर चरणी ता का मन लाग;
श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के गुरपुरब की मंगल कामनाएं!
Picture SMS 43900
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