जहान-ए-रंग-ओ-बू में क्यों तलाश-ए-हुस्न हो मुझको;
हजारों जलवे रख्शिंदा है मेरे दिल के पर्दे में!

जहान-ए-रंग-ओ-बू = रंग और खुश्बू की दुनिया,
जलवा = नज्जारा,
दृश्य, तमाशा,
रख्शिंदा = चमकने वाले, दीप्त, प्रकाशमान
~ Shakeel Badayuni
Picture SMS 85528
उदास आँखों में अपनी करार देखा है,
पहली बार उसे बेक़रार देखा है;
जिसे खबर ना होती थी मेरे आने-जाने की, उसकी आँखों में अब इंतज़ार देखा है!
Picture SMS 85251
बहुत दिनों के बाद उसका कोरा कागज़ आया;
शायर हूँ साहब, लिखी हुई खामोशी पढ़ ली मैंने!
Picture SMS 84620
हम हैं मसरूफ़-ए-इंतिज़ाम मगर;
जाने क्या इंतिज़ाम कर रहे हैं।
~ Jon Elia
Picture SMS 83355
मुद्दत से ख्वाब में भी नहीं नींद का ख्याल;
हैरत में हूँ ये किस का मुझे इंतज़ार है।
Picture SMS 82528
उम्र-ए-दराज मॉंग कर लाये थे चार दिन, दो आरजू में कट गये, दो इंतज़ार में;
कितना है बदनसीब 'जफर', दफ्न के लिये दो गज जमीं भी न मिली कू-ए-यार में।

Meaning:
उम्र-ए-दराज - लंबी, तवील
कू-ए-यार - प्रेमिका की गली
~ Bahadur Shah Zafar
Picture SMS 81834
ना जाने किस रैन बसेरे की तलाश है इस चाँद को;
रात भर बिना कम्बल, भटकता रहता है इन सर्द रातों में!
Picture SMS 81551
कितना खुशनुमा होगा वो मेरे इंतज़ार का मंजर भी;
जब ठुकराने वाले मुझे फिर से पाने के लिये आँसू बहायेंगे!
Picture SMS 80837
इंतजार अक्सर वही अधूरे रह जाते हैं;
जो बहुत शिद्दत से किए जाते हैं!
Picture SMS 80708
यकीन है कि ना आएगा मुझसे मिलने कोई;
तो फिर ये दिल को मेरे इंतज़ार किसका है!
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