कोई कब तक एक नाम दिन-रात पुकारे?
शाम उतर आई खिड़की में बिना तुम्हारे!
~ Dr. Kumar Vishwas
Picture SMS 96582
किसी के इंतज़ार में हमने वक़्त को खाक़ में मिला दिया;
किसी ने इंतज़ार करा कर हमको खाक़ कर दिया!
Picture SMS 96367
मुस्कुराते पलकों पे सनम चले आते हैं;
आप क्या जानो कहां से हमारे गम आते हैं;
आज भी उस मोड़ पर खड़े हैं;
जहां किसी ने कहा था कि ठहरो हम अभी आते हैं!
Picture SMS 88952
काश तकदीर भी होती जुल्फ की तरह,
जब जब बिखरती, तब तब सवार लेते!
Picture SMS 88745
तलाश में हूँ उसके, मगर अब तक नाकाम हूँ,
ख़ुद में ख़ुदा ढूंढना भी, गज़ब की इबादत है!
Picture SMS 87741
मुंतज़िर किसका हूँ टूटी हुयी दहलीज़ पर मैं;
कौन आयेगा यहाँ कौन है आनेवाला!

मुंतज़िर: इंतज़ार
दहलीज़: दहरी
~ Ahmad Faraz
Picture SMS 87165
दिल नाशिकेब, रूह परेशान, नज़र उदास;
ये क्या बना दिया है तिरे इंतिज़ार ने!
~ Seemab Akbarabadi
Picture SMS 86160
जहान-ए-रंग-ओ-बू में क्यों तलाश-ए-हुस्न हो मुझको;
हजारों जलवे रख्शिंदा है मेरे दिल के पर्दे में!

जहान-ए-रंग-ओ-बू = रंग और खुश्बू की दुनिया,
जलवा = नज्जारा,
दृश्य, तमाशा,
रख्शिंदा = चमकने वाले, दीप्त, प्रकाशमान
~ Shakeel Badayuni
Picture SMS 85528
उदास आँखों में अपनी करार देखा है,
पहली बार उसे बेक़रार देखा है;
जिसे खबर ना होती थी मेरे आने-जाने की, उसकी आँखों में अब इंतज़ार देखा है!
Picture SMS 85251
बहुत दिनों के बाद उसका कोरा कागज़ आया;
शायर हूँ साहब, लिखी हुई खामोशी पढ़ ली मैंने!
Picture SMS 84620
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