अपने देश में यह नहीं कहा जाता कि अपना कमरा साफ़ करलो!
यहाँ कहा जाता है, "कुत्ता भी अपनी जगह साफ़ करके बैठता है!"
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रामचंद्र कह गए सिया से ऐसा कलयुग आएगा;
सर्फ के पैकेट को भी पहले सर्फ से धोया जाएगा!
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पति: सरकार ने 'टिक-टॉक' बंद कर के बहुत अच्छा किया!
पत्नी: इसमें आपको क्या मिला?
पति: वक्त पर गरम खाना!
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पुरुषों के साथ समाज में इतना भेदभाव होता है कि कविताओं तक में भी मछली ही जल की रानी है मगरमच्छ का तो कहीं कोई अता-पता नहीं!
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आज पता चला कि कोरोना से ज्यादा मरीज तो...
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टिक-टोक के थे!
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कलेक्टर: ये मजदूर नाच नाच के काम क्यों कर रहे हैं?
कर्मचारी: साहब! ये टिकटौकिए हैं आज ही मनरेगा ज्वाइन किए हैं!
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लॉकडाउन से पहले मेरे घर वालों को लगता था कि मैं सिंगल हूँ...
अब उन्हें यकीन हो गया है!
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ये कलयुग है दोस्तों यहाँ भीड़-भाड़ को "रश" कहते हैं...
और उस भीड़-भाड़ में कोई पसंद आ जाए तो उसे "क्रश" कहते हैं!
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जुलाई का महीना शुरू हो गया है!
प्राचीन काल में इस महीने गर्मी की छुट्टी के बाद स्कूल शुरू हो जाते थे!
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बस एक बार कोरोना ख़त्म हो जाए...
2-3 हज़ार की "पानी पूरी" तो अकेले ही खा जाऊँगी!
~ पानी पूरी को तरसती लड़की
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