रगों में दौड़ते फिरने के हम नहीं कायल;
जब आँख से ही न टपका तो फिर लहू क्या है।
~ Mirza Ghalib
Picture SMS 84252
आँसू जानते हैं कौन अपना है, तभी अपनों के आगे निकलते हैं;
मुस्कुराहट का क्या है, ग़ैरों से भी वफ़ा कर लेती है!
Picture SMS 84105
मैं ज़हर तो पी लूँ शौक़ से तेरी ख़ातिर;
पर शर्त ये है कि तुम सामने बैठ कर सासों को टूटता देखो।
Picture SMS 83701
मैंने रोते हुए पोंछे थे किसी दिन आँसू;
मुद्दतों माँ ने नहीं धोया दुपट्टा अपना।
~ Munawwar Rana
Picture SMS 83509
ख़ाली नही रहा कभी आँखों का ये मकान;
सब अश्क़ बाहर गये तो उदासी ठहर गई!
Picture SMS 81433
तेरी महफ़िल और मेरी आँखें;
दोनों भरी-भरी हैं!
पलक से पानी गिरा है तो उसको गिरने दो;
कोई पुरानी तमन्ना पिघल रही है पिघलने दो!
Picture SMS 80218
वो क्या समझेगा मेरी आँखों का बरसना;
जो बादल के बरसने पर बहुत खुश होता है!
मोहब्बत का अश्कों से, कुछ तो रिश्ता जरूर है;
तमाम उम्र न रोने वाले की भी, इश्क़ में आँख भीग गई!
Picture SMS 78395
बहुत अंदर तक तबाही मचाता है वो आँसू;
जो पलकों से बाहर नहीं आ पाता।!
Analytics