खुदा तो इक तरफ, खुद से भी कोसों दूर होता है,
बशर जिस वक्त ताकत के नशे में चूर होता है!

बशर - मानव
Picture SMS 92110
चंद तस्वीर-ऐ-बुताँ, चंद हसीनों के खतूत;
बाद मरने के मेरे घर से यह सामान निकला!
~ Mirza Ghalib
Picture SMS 92078
गलतफहमी से बढ़कर दोस्ती का दुश्मन नहीं कोई,
परिंदों को उड़ाना हो तो बस शाख़ें हिला दीजिए!
Picture SMS 92077
ये कश्मकश है ज़िंदगी की, कि कैसे बसर करें;
चादर बड़ी करें या, ख़्वाहिशे दफ़न करे!
Picture SMS 92036
आज हर ख़ामोशी को मिटा देने का मन है;
जो भी छिपा रखा है मन में लूटा देने का मन है!
~ Gulzar
Picture SMS 92004
मयखाने से पूछा आज, इतना सन्नाटा क्यों है,
मयखाना भी मुस्कुरा के बोला, लहू का दौर है साहब, अब शराब कौन पीता है!
Picture SMS 91930
कभी तो कोई ख़ुशी चखा ऐ ज़िंदगी;
तुझसे किसने कह दिया के हमारा रोज़ा है!
Picture SMS 91589
एक ही बात सीखी है रंगों से;
ग़र निखरना है तो बिखरना ज़रूरी है!
Picture SMS 91562
बरसो बाद आज, तेरे करीब से गुज़रे;
जो न संभलते, तो गुज़र ही जाते!
Picture SMS 91318
मेरे शहर में खुदाओं की कमी नहीं,
दिक्कत मुझे इंसान ढूँढने में होती है।
Picture SMS 91271
Analytics