ऐ क़लम बस इतना सा एहसान कर दे;
जो मेरी ज़ुबाँ से न निकला वो बयाँ कर दे।
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उम्र में, ओहदे में, कौन कितना बड़ा है फर्क नहीं पड़ता;
लहजे में कौन कितना झुकता है फर्क ये पड़ता है।
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लबों पे उसके कभी बद्दुआ नहीं होती;
बस एक माँ है जो मुझसे ख़फ़ा नहीं होती।
~ Munawwar Rana
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अरबाबे-सितम की खिदमत में इतनी ही गुजारिश है मेरी;
दुनिया से कयामत दूर सही, दुनिया की कयामत दूर नहीं।

Meaning:
अरबाबे-सितम = सितम ढाने वाला
~ Jigar Moradabadi
Picture SMS 83510
दिल पे आए हुए इल्ज़ाम से पहचानते हैं;
लोग अब मुझ को तेरे नाम से पहचानते हैं।
~ Qateel Shifai
Picture SMS 83458
दिल ना-उम्मीद तो नहीं नाकाम ही तो है;
लंबी है गम की शाम, मगर शाम ही तो है।
~ Faiz Ahmad Faiz
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दिल समझता था कि ख़ल्वत में वो तन्हा होंगे;
मैंने पर्दा जो उठाया तो क़यामत निकली।

Meaning:
खल्वत = एकांत
~ Aziz Lucknowi
Picture SMS 83295
फ़लक पे भोर की दुल्हन यूँ सज के आई है;
ये दिन उगा है या सूरज के घर सगाई है;
अभी भी आते हैं आँसू मेरी कहानी में;
कलम में शुक्र-ए- खुदा है कि 'रौशनाई' है|
~ Dr. Kumar Vishwas
Picture SMS 83229
बरस पड़ी थी जो रुख़ से नक़ाब उठाने में;
वो चाँदनी है अभी तक मेरे ग़रीब-ख़ाने में|
~ Kaifi Azmi
Picture SMS 83134
अकबर दबे नहीं किसी सुल्ताँ की फ़ौज से;
लेकिन शहीद हो गए बीवी की नौज से।
~ Akbar Allahabadi
Picture SMS 82923
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