कर दो तब्दील अदालतों को मय खानों में;
सुना है नशे में कोई झूठ नहीं बोलता!
Picture SMS 86901
या हाथों हाथ लो मुझे मानिंद-ए-जाम-ए-मय;
या थोड़ी दूर साथ चलो मैं नशे में हूँ!

मानिंद-ए-जाम-ए-मय: शराब के पात्र की तरह
~ Meer Taqi Meer
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या हाथों हाथ लो मुझे मानिंद-ए-जाम-ए-मय;
या थोड़ी दूर साथ चलो मैं नशे में हूँ!
~ Meer Taqi Meer
Picture SMS 86509
एक पल में ले गई सारे ग़म खरीदकर;
कितनी अमीर होती है ये बोतल शराब की।
Picture SMS 84826
क़र्ज़ की पीते थे मय लेकिन समझते थे कि हाँ;
रंग लावेगी हमारी फ़ाक़ा-मस्ती एक दिन।
~ Mirza Ghalib
Picture SMS 84307
मयखाने की इज्जत का सवाल था जनाब;
पास से गुजरे तो थोडा लडख़ड़ा दिए!
Picture SMS 83100
अलग बैठे थे फिर भी आँख साकी की पड़ी मुझ पर;
अगर है तिश्नगी कामिल तो पैमाने भी आयेंगे।

अर्थ:
तिश्नगी - प्यास, पिपासा, तृष्णा, लालसा, अभिलाषा, इश्तियाक
कामिल - पूरा, सम्पूर्ण, मुकम्मल
पैमाने - शराब का गिलास, पानपात्र
~ Majrooh Sultanpuri
Picture SMS 82011
होते ही शाम मैं किधर जाता हूँ;
जुदा ख्यालों से मैं बिखर जाता हूँ;
खौफ इस कदर होता है यादों का;
जाम की महफिल में नजर आता हूँ!
Picture SMS 81076
मयख़ाने से बढ़कर कोई ज़मीन नहीं;
जहाँ सिर्फ़ क़दम लड़खड़ाते हैं, ज़मीर नहीं!
Picture SMS 80926
बात सजदों की नहीं नीयत की है;
मयखाने में हर कोई शराबी नहीं होता!
Picture SMS 80503
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