एक तेरा ही नशा था जो शिकस्त दे गया मुझे;
वरना मयखाने भी तौबा करते थे मेरी मयकशी से।
Picture SMS 91929
मयखाने से पूछा आज, इतना सन्नाटा क्यों है,
मयखाना भी मुस्कुरा के बोला, लहू का दौर है साहब, अब शराब कौन पीता है!
Picture SMS 91790
तुम क्या जानो शराब कैसे पिलाई जाती है,
खोलने से पहले बोतल हिलाई जाती है,
फिर आवाज़ लगायी जाती है आ जाओ टूटे दिल वालों,
यहाँ दर्द-ए-दिल की दवा पिलाई जाती है।
Picture SMS 90576
कलम की नोक पे कहानी रखी है;
मैंने इक ग़ज़ल तुम्हारे सानी रखी है;
इन आँखों को अब क्या कहें हम;
दो प्यालों में शराब पुरानी रखी है!
Picture SMS 89473
ले जा के हमें साँकी जहाँ शाम ढले;
कर जन्नत नसीब खुदा जहाँ जाम चले!
Picture SMS 89421
लड़खड़ाये कदम तो गिरे उनकी बाँहों मे;
आज हमारा पीना ही हमारे काम आ गया।
Picture SMS 88556
जब भी उमड़े हैँ सैलाब तेरे तसव्वुर के,
मयख़ाना गवाह है कैसे हर जाम बेअसर हुआ है!
Picture SMS 88447
आये थे हँसते खेलते मैख़ाने में 'फ़िराक़';
जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए!
~ Firaq Gorakhpuri
Picture SMS 88202
ना बात कर पीने पिलाने की, मेरा ग़ज़लों में मयखाना है;
मैं शायर भी पुराना हूँ, और मेरा तज़ुर्बा भी पुराना है|
Picture SMS 87940
आये थे हँसते खेलते मैख़ाने में 'फ़िराक़';
जब पी चुके शराब तो संजीदा हो गए!
~ Firaq Gorakhpuri
Picture SMS 87907
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