मुझको पढ़ पाना हर किसी के लिए मुमकिन नहीं।
मै वो किताब हूँ जिसमे शब्दों की जगह जज्बात लिखे है।
Picture SMS 91403
ये कश्मकश है ज़िंदगी की, कि कैसे बसर करें,
ख़्वाहिशें दफ़न करें, या चादर बड़ी करें!
Picture SMS 91195
खामोशियाँ ही बेहतर हैं जिंदगी के सफर में;
लफ्जों की मार ने कई घर तबाह किये!
Picture SMS 91153
दिल-ए-नादान तुझे हुआ क्या है,
आखिर इस दर्द की दवा क्या है,
हमको उनसे है उम्मीद वफ़ा की,
जो जानते ही नहीं वफ़ा क्या है।
Picture SMS 91121
सुना है इस महफिल में शायर बहुत हैं,
कुछ हमें भी सुनाओ, आज हम घायल बहुत हैं!
Picture SMS 91072
तपिश और बढ़ गई इन चंद बूंदों के बाद,
काले स्याह बादल ने भी बस यूँ ही बहलाया मुझे।
Picture SMS 90990
आइने और दिल का बस एक ही फसाना है,
टूट कर एक दिन दोनों को बिखर जाना है।
Picture SMS 90908
शब्द तो यदा-कदा, चुभते ही रहते हैं,
मौन चुभ जाए किसी का तो सम्भल जाना चाहिए!
Picture SMS 90859
दर्द ही दर्द है दिल में बयान कैसे करें,
ज़िंदगी ग़मों की गुलाम रिहा कैसे करें,
यूँ तो हमें हमारे दिल ने धोखे दिए बहुत,
पर अपने दिल से हम दगा कैसे करें।
Picture SMS 90768
रोज एक नई तकलीफ रोज एक नया गम;
ना जाने कब एलान होगा कि मर गए हम!
Picture SMS 90612
Analytics