लफ़्ज़ों के बोझ से थक जाती हैं ज़ुबान' कभी कभी;
पता नहीं 'खामोशी मज़बूरी' हैं या 'समझदारी !
Picture SMS 88800
दर्द सबके एक है, मगर हौंसले सबके अलग अलग है,
कोई हताश हो के बिखर गया तो कोई संघर्ष करके निखर गया!
Picture SMS 88775
अजनबी शहर मे किसी ने पीछे से पत्थर फेंका है;
जख्म कह रहा है जरुर इस शहर मे कोई अपना मौजूद है!
Picture SMS 88602
आज से हम भी बदलेंगे अंदाज-ऐ-ज़िंदगी,
राब्ता सबसे होगा, वास्ता किसी से नही।
Picture SMS 88389
लफ़्ज़ों के बोझ से थक जाती हैं, ज़ुबान कभी कभी;
पता नहीं 'खामोशी मज़बूरी हैं या समझदारी!
Picture SMS 88337
सिर्फ टूटे हुए लोग ही जानते है,
की टूटने का दर्द क्या होता है !
Picture SMS 88203
दो चार लफ्ज़ प्यार के ले कर मैं क्या करूंगा;
करनी है तो वफ़ा की मुकम्मल किताब मेरे नाम कर !
Picture SMS 87719
लौटा जो सज़ा काट के, वो बिना ज़ुर्म की;
घर आ के उसने, सारे परिंदे रिहा कर दिए!
Picture SMS 87626
ग़म तो जनाब फ़ुरसत का शौक़ है,
ख़ुशी में वक्त ही कहाँ मिलता है।
Picture SMS 87553
दिल की बात दिल में छुपा लेते हैं वो,
हमको देख कर मुस्कुरा देते हैं वो,
हमसे तो सब पूछ लेते हैं,
पर हमारी ही बात हमसे छुपा लेते हैं वो|
Picture SMS 87542
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