दर्द कितना खुशनसीब है मिलते ही अपनों की याद दिलाता है;
दौलत कितनी बदनसीब है मिलते ही लोग अपनों को भूल जाते हैं!
Picture SMS 97670
बदल दिये अब हमने उदास होने के तरीके;
अब कोई दिल भी दुखाये तो बस, हल्का सा मुस्कुरा देते हैं!
Picture SMS 97633
कुछ उलझनों के हल वक़्त पे छोड़ देने चाहिए;
बेशक जवाब देर से मिलेंगे लेकिन बेहतरीन होंगे!
Picture SMS 97438
कुछ अपनों की वजह से,
कल अपनों के बीच नहीं रहेंगे हम!
Picture SMS 97328
तस्वीर खिंचवाने के रिवाज़ ने कितना मजबूर कर दिया,
ग़म कितना भी हो दिल में मुस्कुराना पड़ता है!
Picture SMS 97327
मेरे ऐब तो ज़माने में उजागर है,
फ़िक्र वो करे जिनके गुनाह पर्दे में हैं!
Picture SMS 97268
अगर तुम ना होते, तो टूट के बिखर जाते,
गर तुम पास होते, तो इतना भी ना टूटते!
Picture SMS 96911
गज़ब की धूप है इस शहर में फिर भी पता नहीं;
लोगों के दिल यहाँ, पिघलते क्यों नहीं।
Picture SMS 96800
कौन पूछता है पिंजरे में बंद 'परिंदों' को ग़ालिब;
याद वही आते हैं उड़ जाते हैं!
Picture SMS 96737
ख़्वाबों की ज़मीन पर रखा था पाँव छिल गया;
कौन कहता है ख्वाब मखमली होते हैं!
Picture SMS 96718
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