अच्छा यक़ीं नहीं है तो कश्ती डुबा के देख,
इक तू ही नाख़ुदा नहीं ज़ालिम ख़ुदा भी है!
Picture SMS 87141
तुम साथ नहीं हो लेकिन हमसे रूठ गये हो;
तुम जिन्दगी की राह में हमसे छूट गये हो;
बढ़ती ही जा रही हैं अपनी दूरियाँ दिल की;
तुम हाथ की लकीरों में हमसे टूट गये हो!
Picture SMS 87090
चिलमन का उलट जाना ज़ाहिर का बहाना है;
उनको तो बहर-सूरत इक जलवा दिख़ाना है!

चिलमन: घूंघट
ज़ाहिर: स्पष्ठ
बहर-सूरत: हर हाल में
~ Meer Mehdi Majrooh
Picture SMS 87061
खामोश बैठे हैं तो लोग कहते हैं उदासी अच्छी नही;
और ज़रा सा हंस लें तो लोग मुस्कुराने की वजह पूछ लेते है।
Picture SMS 86959
क्यों मुझसे तुम दूर-दूर सा रहते हो;
अपने हुस्न पर मगरूर सा रहते हो;
प्यार की कसमों के राजदार थे कभी;
अब बेवफा बनकर हुजूर सा रहते हो!
Picture SMS 86934
मुद्दतें गुजरी हैं हमको करीब आए हुए;
रात है बेचैन शमा प्यार की जलाए हुए;
बिखरी हुई हैं साँसों में तेरी ख्वाहिशें;
मेरी नज़रों में ख्वाब हैं मुस्कुराए हुए!
Picture SMS 86809
आए कुछ अब्र कुछ शराब आए;
उस के बाद आए जो अज़ाब आए!

अब्र: बादल,
अज़ाब: दुख़, संकट, विपदा
~ Faiz Ahmad Faiz
दम भर मेरे पहलू में उन्हें चैन कहाँ है;
बैठे कि बहाने से किसी काम से उठे!

पहलू: पसली, (पास)
~ Bekhud Dehlvi
Picture SMS 86664
मोहबबत में नहीं है फ़र्क जी ने और मरने का;
उसी को देख कर जीते हैं जिस क़ाफ़िर पे दम निकले!
~ Mirza Ghalib
Picture SMS 86508
दम भर मेरे पहलू में उन्हें चैन कहाँ है;
बैठे, कि बहाने से किसी काम से उठे!
~ Bekhud Dehlvi
Picture SMS 86469
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