काश तुम आकर संभाल लो मुझे;
थोड़ा सा रह गया हूं मैं इस साल की तरह!
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बहुत सारी उलझनों का जवाब यही है;
मैं अपनी जगह सही हूँ, और वो अपनी जगह सही है!
Picture SMS 97552
तेरी महफ़िल से उठे तो किसी को खबर तक ना थी;
तेरा मुड़-मुड़कर देखना हमें बदनाम कर गया।
Picture SMS 97538
रहते हैं आसपास ही लेकिन साथ नहीं होते;
कुछ लोग जलते हैं मुझसे बस ख़ाक नहीं होते!
Picture SMS 97523
ज़िन्दगी सब्र के अलावा कुछ भी नहीं,
मैंने हर शख्स को यहाँ खुशियों का इंतज़ार करते देखा है!
Picture SMS 97436
दर्द तो वही देते हैं, जिन्हें आप अपना होने का हक़ देते हैं;
वरना गैर तो हल्का सा धक्का लगने पर भी माफ़ी माँग लेते हैं!
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कभी-कभी सोचता हूँ कि भूल जाऊँ उसे,
पर फिर याद आया कि उसके जैसा मिले भी तो कोई!
Picture SMS 97267
या तो हमें मुक्कमल चालाकियाँ सिखाई जायें,
नहीं तो मासूमों की अलग बस्तियां बसाई जायें !
Picture SMS 97250
शिकायत तो आज भी मुझे खुद से है,
खैर तुमसे तो इश्क़ ही रहेगा!
Picture SMS 97139
हमसे खेलती रही दुनिया ताश के पत्तों की तरह,
जिसने जीता उसने भी फेंका और जो हारा उसने भी फेंका!
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