तेरा ज़िक्र मेरी हर बात मैं है;
तुम पास नहीं पर साथ में है;
मैं तुझसे बिछड़ कर जाऊं कहाँ;
तेरा इश्क़ तो मेरी जात में है!
Picture SMS 92838
मुहब्बत का खुमार उतरा तो तब साबित हुआ;
वो जो मंज़िल का रास्ता था, बे-मकसद सफर निकला!
Picture SMS 92800
मेह वो क्यों बहुत पीते बज़्म-ऐ-ग़ैर में या रब;
आज ही हुआ मंज़ूर उन को इम्तिहान अपना;
मँज़र इक बुलंदी पर और हम बना सकते `ग़ालिब`;
अर्श से इधर होता काश के माकन अपना!
~ Mir Taqi Mir
Picture SMS 92757
तुम चाहो तो ले लो मेरी रूह की तलाशी;
यकीन मानो, कुछ भी नहीं बचा मुझमे तुम्हारी मोहब्बत के सिवा!
Picture SMS 92691
फिरते है मीर अब कहाँ ,कोई पूछता नहीं;
इस आशिक़ी में इज़्ज़त सादात भी गयी
~ Mir Taqi Mir
Picture SMS 92666
ये शायरीयाँ कुछ और नहीं बेइंतहा इश्क है;
तड़प उनकी उठती है और "दर्द" लफ्जों में उतर आता है!
Picture SMS 92656
तेरे साथ का मतलब जो भी हो;
तेरे बाद का मतलब कुछ भी नहीं!
Picture SMS 92507
पूरा दुःख और आधा चाँद हिजर की शब और ऐसा चाँद,
इतने घने बादल के पीछे कितना तनहा होगा चाँद;
मेरी करवट पर जाग उठे नींद का कितना कच्चा चाँद,
सेहरा सेहरा भटक रहा है अपने इश्क़ में सच्चा चाँद!
~ Parveen Shakir
Picture SMS 92303
एक मुट्ठी इश्क़ बिखेर दो इस ज़मीन पे;
बारिश का मौसम है शायद मोहब्बत पनप जाए।
Picture SMS 91883
एक मुट्ठी इश्क़ बिखेर दो इस ज़मीन पे;
बारिश का मौसम है शायद मोहब्बत पनप जाए।
Picture SMS 91319
Analytics