वज़ाहत इसकी पूछोगे तो फिर लाज़िम है उलझोगे;
ये अक्सर बे-वजह होता है जिसको इश्क़ कहते हैं!
Picture SMS 87021
इश्क मुहब्बत तो सब करते हैं,
गम-ऐ-जुदाई से सब डरते हैं,
हम तो न इश्क करते हैं न मुहब्बत,
हम तो बस आपकी एक मुस्कुराहट पाने के लिए तरसते हैं!
Picture SMS 87020
शब्दों को होठों पर रखकर दिल के भेद ना खोलो;
आंखें मेरी सुन लेंगी बस तुम आँखों से बोलो!
Picture SMS 86842
इतना बेताब न हो मुझसे बिछड़ने के लिए;
तुझे आँखों से नहीं मेरे दिल से जुदा होना है।
धनक धनक मेरी पोरों के ख़्वाब कर देगा;
वो लम्स मेरे बदन को गुलाब कर देगा!

धनक: इन्द्रधनुष
लम्स: स्पर्श
~ Parveen Shakir
Picture SMS 86714
मोहबबत में नहीं है फ़र्क जी ने और मरने का;
उसी को देख कर जीते हैं जिस क़ाफ़िर पे दम निकले!
~ Mirza Ghalib
Picture SMS 86696
अब तो मुझे अपनी आँखों से भी जलन होती है "ऐ ज़ालिम";
खुली हो तो तलाश तेरी और बन्द हो तो ख्वाब तेरे!
Picture SMS 86599
मोहब्बत के लिए कुछ ख़ास दिल मख़्सूस होते हैं;
ये वो नग़्मा है जो हर साज़ पर गाया नहीं जाता!
~ Makhmoor Dehlvi
Picture SMS 86330
आखिरी हिचकी तिरे ज़ानू पे आये;
मौत भी मैं शायराना चाहता हूँ!
~ Qateel Shifai
Picture SMS 86188
इश्क पर ज़ोर नहीं है ये वो आतिश 'ग़ालिब';
जो लगाये न लगे और बुझाये न बने!
~ Mirza Ghalib
Picture SMS 86093
Analytics