न ग़रज़ किसी से, न वास्ता, मुझे काम अपने ही काम से;
तिरे ज़िक्र से, तिरी फ़िक्र से, तिरी याद से तिरे नाम!
Picture SMS 85621
कोई पत्थर की मूरत है, किसी पत्थर में मूरत है,
हमने देख ली दुनिया, बहुत ही खूबसूरत है;
जमाना अपनी समझे पर मुझे अपनी खबर है ये,
तुझे मेरी जरूरत है, मुझे तेरी ज़रूरत है!
~ Dr. Kumar Vishwas
Picture SMS 85354
किसी के पास होने का जब हर वक़्त एहसास होता है;
यक़ीं मानों कि यहीं मोहब्बत का आगाज होता है!
Picture SMS 85201
ग़म-ए-हयात ने आवारा कर दिया वर्ना,
थी आरजू तेरे दर पे सुबह-ओ-शाम करें!

ग़म-ए-हयात = ज़िन्दगी का ग़म
~ Majrooh Sultanpuri
Picture SMS 85156
हारा हुआ सा वजूद लगता है मेरा;
हर किसी ने लूटा है मोहब्बत का वास्ता देकर!
Picture SMS 84942
यह मेरा इश्क़ था या फिर दीवानगी की इंतेहा;
कि तेरे ही करीब से गुज़र गए तेरे ही ख्याल से!
Picture SMS 84918
हम ने सीने से लगाया दिल न अपना बन सका;
मुस्कुरा कर तुम ने देखा दिल तुम्हारा हो गया!
~ Jigar Moradabadi
Picture SMS 84888
जन्नत-ए-इश्क में हर बात अजीब होती है;
किसी को आशिकी तो किसी को शायरी नसीब होती है!
Picture SMS 84767
बुत-ख़ाना तोड़ डालिए मस्जिद को ढाइए;
दिल को न तोड़िए ये ख़ुदा का मक़ाम है!
~ Aatish Haidar Ali
Picture SMS 84745
इश़्क तो मर्ज़ ही बुढ़ापे का है;
जवानी में, फ़ुर्सत ही कहाँ आवारगी से!
Picture SMS 84725
Analytics