राखी के इस पवित्र धागे में है बँधा ढेर सारा स्नेह, ढेर सारा प्यार और असीम लाड-दुलार;
राखी पर बस यही करूँ दुआ मैं रब से कि सदा खुशियों से खिलता रहे तुम्हारा संसार।
रक्षा बंधन की ढेर सारी बधाई!
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याद है वो हमारा बचपन में लड़ना-झगड़ना, रूठना और फिर मान जाना;
बस यही होता है भाई-बहन का प्यार,
और इसी प्यार को बढ़ाने आ गया है रक्षा बंधन का त्यौहार।
सब भाई-बहनों को रक्षा बंधन मुबारक!
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बचपन की वो भीनी यादें लेकर आया राखी का त्यौहार,
बात-बात पर वो रूठना मेरा स्नेह तुम्हारा ज्यों बाबुल का प्यार,
मुबारक हो भईया तुम्हें रक्षा बंधन का ये त्यौहार।
रक्षा बंधन की शुभ कामनायें!
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सूरज की तरह चमकते रहो,
फूलों की तरह महकते रहो,
यही दुआ है इस बहन की आज,
कि आप सदा जीवन में आगे बढ़ते रहो।
प्यारे भईया को राखी की बधाई!
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राखी का यह दिन आज खुशियाँ लाया है,
बहन-भाई के रिश्ते को खुशियों से भरने आया है,
आओ मनायें मिल-जुल कर राखी का ये त्यौहार,
क्योंकि यह हर भाई-बहन को अपना फ़र्ज़ याद दिलाने आया है।
राखी की शुभ कामनायें!
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8 दिन बाद न जाने कितने Relationship राखी के धागों की भेंट चढ़ जायेंगे।
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प्रीत के धागों के बंधन में स्नेह का उमड़ रहा संसार,
सारे जग में सबसे सच्चा होता है भाई बहन का प्यार,
इस सच्चे प्यार को ही दर्शाता है यह राखी का पावन त्यौहार।
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आया राखी का त्यौहार है यह ख़ुशियों का त्यौहार,
भर के रेशमी धागे में आया बहन का प्यार,
सजी है थाली रंग-बिरंगी राखी और मिठाई से;
भाई की सलामती की दुआ बहन की ज़ुबान पे आई है,
भाई ने भी दिया वचन बहन की रक्षा करने का,
इसी प्यार को दर्शाने देखो राखी आई है।
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बांध रही हूँ राखी मैं भैया, पर एक वचन देना होगा;
नहीं कभी भी बेटी से जीवन में घृणा करना होगा;
बाप बनोगे कल तुम लेकिन बेटी को भी अपनाओगे,
करके जांच गर्भ में उसकी हत्या नहीं कराओगे;
मां, बुआ, चाची, भाभी सब किसी-न-किसी की बेटी हैं;
यह जो तेरी बहना है, यह भी तो पापा की बेटी है;
बेटी अगर नहीं होगी तो बहू कहाँ से लाओगे?
अपने बेटे के हाथों में राखी किससे बँधवाओगे?
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सावन का माह झरे रिमझिम फुहार, रक्षा बंधन का लो आया पावन त्यौहार;
नए नए कपड़ों में सजे हैं भाई बहन, सब के मनों में देखो उमड़ रहा प्यार;
रेशम के धागों का है यह मजबूत बंधन, माथे पर चमके चावल रोली और चन्दन;
प्यार से मिठाई खिलाये बहन प्यारी, देख इसे छलक उठीं ऑंखें भर आया मन;
रिश्तों में रुपयों का दखल अब आये न, क्या दिया क्या पाया मन न भरमाये;
प्यार से बड़ा जग में और कुछ नहीं है होता, बहना को भाई और भाई बहन को ना कभी भुलाये।
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