एक बार संता चेन्नई गया और वहां अपने तमिल दोस्त के घर जाकर ठहरा!

अगले दिन वह बाजार में खरीददारी के लिए अकेले ही चल पड़ा उसके मित्र ने कहा कि जब तुम खरीददारी करोगे तो जो भी सामान खरीदोगे उसकी कीमत जितनी दुकानदार कहेगा तुम उसे कहना कि इसका आधा दूंगा!

संता बाजार में पहुँच गया उसने एक स्टीरियो कि कीमत पूछी तो दुकानवाले ने कहा 2000 रूपए!

संता ने कहा मैं 1000 रूपए दूंगा!

दुकान वाले ने कहा साहब 1800 रूपए में दे सकता हूँ, इस पर संता ने कहा 900 रूपए!

दुकानदार ने कहा साहब बस अब लास्ट रेट 1500 रूपए लगेगा, संता ने कहा 750 रूपए!

इस पर दुकानदार ने चिढ़ कर कहा मैं आपको ये स्टीरियो मुफ्त में ही दे देता हूँ!

संता ने कहा मैं इसे तभी मुफ्त में लूँगा अगर तुम इसके साथ और एक स्टीरियो दोगे!
अगर बॉलीवुड फ़िल्में कोरोना पे बनती तो इनके डायलाग कुछ यूँ होते!

शोले - ये मास्क मुझे दे दे ठाकुर.. नहीं...

दीवार - मेरे पास मास्क हैं, सैनिटाइज़र हैं, इन्शुरन्स हैं, बैंक बैलेंस है... तुम्हारे पास क्या है?
मेरे पास वैक्सीन है!

दीवार - जाओ पहले उस आदमी की साइन लेकर आना जिसने भरे बाज़ार में छींक दिया था!  

दिलवाले दुल्हनिया ले जायेंगे - बड़े बड़े शहरों में छोटी मोटी बीमारियां होती ही रहती हैं!

3 इडियट्स - दवाई नहीं इम्युनिटी बढ़ाओ, बिमारी झक मारके तुमसे दूर भागेगी

दबंग - कोरोना से डर नहीं लगता साहब लॉकडाउन से लगता है!

कुछ कुछ होता है - फेफडों में कुछ कुछ होता है अंजली तुम नहीं समझोगी!

बाजीराव मस्तानी - अगर आप हमसे हमारा सैनिटाइज़र मांग लेते तो हम ख़ुशी ख़ुशी दे देते, पर आपने मास्क ना पहनकर तो हमारा ग़ुरूर ही तोड़ दिया!

ये जवानी है दीवानी - कहीं पहुंचने के लिये घर से ना निकलना जरूरी है!

देवदास - कौन कम्बख्त है जो बर्दाश्त करने के लिये पीता है, हम तो पीते हैं ताकि इकॉनमी को उठा सके, लॉकडाउन को बर्दाश्त कर सकें!

डॉन - मैं आज भी लोगों से हाथ नहीं मिलाता!

दामिनी - तारीख़ पे तारीख़... तारीख़ पे तारीख़... तारीख़ पे तारीख़ मिलती हैं मीलॉर्ड... पर लॉकडाउन की लास्ट तारीख नहीं मिलती!

मैंने प्यार किया - क्वारंटाइन का उसूल है मैडम... नो मीटिंग... नो गोइंग आउट!ओम शांति ओम - ज़िन्दगी में अगर कोरोना के केस कम ना हो तो लॉकडाउन अभी बाकी है मेरे दोस्त!

मुगल-ए-आजम - सोशल डिस्टेंस तुम्हें मरने नहीं देगा और लॉकडाउन तुम्हें जीने नहीं देगा!

पाकीज़ा - आपके पैर देखे बहुत हसीन हैं, इन्हें घर पर ही रखें नहीं तो कोरोना हो जाएगा!

शहंशाह - रिश्ते में तो हम सारे वायरस के बाप लगते हैं नाम है कोरोना!

अंदाज़ अपना अपना - तेजा मैं हूँ, मास्क इधर है!
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