Accelerate Downloads, Install Free Browser
पठान बहुत ही आशावादी था। हर बात पर कहता था, "ख़ुदा ख़ैर करे, इससे भी बुरा हो सकता था।"

उसके सारे दोस्त उसकी इस बात से बहुत परेशान थे। एक दिन उन सब ने मिलकर एक कहानी बनायी जिससे ज्यादा बुरा होना मुश्किल था।

पठान का एक दोस्त ग़मगीन सा चेहरा बना कर बोला, "यार, कल तो बहुत ही बुरा हुआ।"

पठान: क्यों क्या हुआ?

दोस्त: यार कल मेरा पडोसी जब घर लौटा तो उसकी बीवी किसी गैर मर्द के साथ रंगरलियां मना रही थी। यह देख कर मेरे पडोसी ने गुस्से में आकर दोनों को गोलियों से भून दिया और फिर खुद को भी गोली मार ली।

पठान: ख़ुदा ख़ैर करे, इससे भी बुरा हो सकता था।

दोस्त (चिढ कर): इससे बुरा क्या हो सकता था?

पठान: अगर यह किस्सा परसों का होता तो मरने वालों में एक नाम मेरा होता!
एक दिन पठान जल्दी घर आया तो देखा कि उसका बेटा उसके कमरे के दरवाज़े पर आँख लगा कर कमरे में झाँक रहा था।

पठान उसके पास आया और बोला, "क्या कर रहे हो बेटा?"

पठान का बेटा: वो पड़ोस वाले अंकल...

पठान ने कमरे का दरवाज़ा खटखटाया तो उसकी बेगम ने अर्ध वस्त्रों में दरवाज़ा खोला। पठान को कमरे के अंदर से चूहे की बदबू आयी तो वो गुस्से में चूहे को ढूंढ़ने लगा तो उसे परदे के पीछे से उसका पडोसी नंगा खड़ा दिखाई दिया।

पठान ने उसे खींच कर बाहर निकाला और एक थप्पड़ मारा और बोला, "साले इधर अंदर चूहा घुसा हुआ है और तू नंगा हो के लुकाछिपी खेल रहा है। देख बच्चा कितना डरा हुआ है।
Analytics