क्लास - बर्दाश्त।

अटेंडेंस - हेरा फेरी।

क्लास रूम - नो एंट्री।

टीचर - जानी दुश्मन।

एग्जाम - बुरी मौत।

इग्ज़ैमनर - डॉन।

फ्रेंड पेपरों में - हम आपके हैं कौन?

मौखिक परीक्षा - सामना।

एग्जाम टाइम - कयामत।

चीटिंग - लगे रहो मुन्ना भाई।

मार्केटिंग - अँधा कानून।

प्रश्न पेपर - एक पहेली।

उत्तर सीट - कोरा कागज।

रिजल्ट - सदमा।

पास - चमत्कार।

फेल - देवदास।

फ्यूचर - ना तुम जानो ना हम।
भारतीय लड़कियां खेलों में अच्छी क्यों नहीं हैं?

क्योंकि, सिर्फ 10% क्रिकेट, हॉकी, टेनिस, बैडमिंटन, शतरंज आदि खेलती हैं बाकि कि 90% तो जानू से खेलने में व्यस्त रहती हैं।

जानू कहाँ हो?

जानू क्या कर रहे हो?

जानू कब आओगे?

जानू आप मुझसे प्यार करते हो न?
जानू किसके साथ हो?

जानू मुझे ये चाहिए।

जानू फिल्म देखने चलें, जानू ये क्या है?

जानू क्या किया दिनभर?

जानू आपने मुझे याद किया न?

जानू कुछ तो बोलो।

जानू मुझे आपकी बहुत याद आ रही है।

जानू ये।

जानू वो।

जानू कुछ नहीं।

"जान ले लो जानू की।"
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