एक आदमी एक `टैक्सस` बार में जाता है और एक छोटा गिलास बीयर का ऑर्डर करता है, जब बार वाला वापिस आता है तो एक कैग बीयर लेकर आता है,वो आदमी कहता है, मैंने बीयर का छोटा गिलास मंगवाया था।

बार वाला कहता है, यही बीयर का छोटा गिलास है, बेटा टैक्सस में हर चीज बड़ी है।

फिर वो आदमी मांस की छोटी प्लेट का ऑर्डर करता है, वेटर मांस से भरी एक बड़ी प्लेट लेकर आता है, जिसमें मांस का एक बहुत बड़ा टुकड़ा होता है जिसे अगर काटा जाये तो उससे मांस के छोटे छोटे 30 टुकड़े बन जाये वो आदमी कहता है मैंने मांस की छोटी प्लेट मंगवाई थी।

वेटर कहता है बेटा टैक्सस में हर चीज बड़ी है।

खाने के बाद वो पूछता है बाथरूम कहाँ है? तो वेटर सामने बाएं से तीसरा दरवाजा दिखा कर कहता है वो रहा सर! अब वो काफी नशे में था और बड़ी सावधानी से दरवाजे गिनता हुआ तीसरे दरवाजे के पास जा पहुंचा, जैसे ही उसने तीसरा दरवाजा खोला वो सीधे पुल में जा गिरा।

जब वो वापिस बार में पहुंचा तो पूरा भीगा हुआ था।

दरवाजे पर खड़े दरबान ने पूछा, सर क्या हुआ तो उसने कहा, अरे भाई! मैं टॉयलेट में गिर गया।
एक बहुत बड़ा सरोवर था। उसके तट पर मोर रहता था, और वहीं पास एक मोरनी भी रहती थी। एक दिन मोर ने मोरनी से प्रस्ताव रखा कि "हम तुम विवाह कर लें, तो कैसा अच्छा रहे?"

मोरनी ने पूछा, "तुम्हारे मित्र कितने है?"

मोर ने कहा, "उसका कोई मित्र नहीं है।"

तो मोरनी ने विवाह से इनकार कर दिया।

मोर सोचने लगा सुखपूर्वक रहने के लिए मित्र बनाना भी आवश्यक है।

उसने एक शेर से, एक कछुए से, और शेर के लिए शिकार का पता लगाने वाली टिटहरी से, दोस्ती कर लीं।

जब उसने यह समाचार मोरनी को सुनाया, तो वह तुरंत विवाह के लिए तैयार हो गई।

दोनों ने पेड़ पर घोंसला बनाया और उसमें अंडे दिए, और भी कितने ही पक्षी उस पेड़ पर रहते थे।

एक दिन जंगल में कुछ शिकारी आए। दिन भर कहीं शिकार न मिला तो वे उसी पेड़ की छाया में ठहर गए और सोचने लगे, पेड़ पर चढ़कर अंडे और बच्चों से भूख बुझाई जाए।

मोर दंपत्ति को भारी चिंता हुई, मोर मित्रों के पास सहायता के लिए दौड़ा।

बस फिर क्या था, टिटहरी ने जोर- जोर से चिल्लाना शुरू किया। शेर समझ गया, कोई शिकार है। वह उसी पेड़ के नीचे जा पहुँचा जहाँ शिकारी बैठे थे। इतने में कछुआ भी पानी से निकलकर बाहर आ गया।

शेर से डरकर भागते हुए शिकारियों ने कछुए को ले चलने की बात सोची। जैसे ही हाथ बढ़ाया कछुआ पानी में खिसक गया। शिकारियों के पैर दलदल में फँस गए। इतने में शेर आ पहुँचा और उन्हें ठिकाने लगा दिया।

मोरनी ने कहा, "मैंने विवाह से पूर्व मित्रों की संख्या पूछी थी, सो बात काम की निकली न, यदि मित्र न होते, तो आज हम सबकी खैर न थी।`

मित्रता सभी रिश्तों में अनोखा और आदर्श रिश्ता होता है। और मित्र किसी भी व्यक्ति की अनमोल पूँजी होते हैं। इसलिए अपने दोस्तों को मत भूलो और ज्यादा से ज्यादा दोस्त बनाओ।
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