आज सुबह मेरे पड़ोस में रहने वाले बंगाली बाबू मेरे घर आये और बोले, "आज हमारे घर भोजन है। आप भी आइएगा।"

मैंने भी माँ से कह दिया कि मेरा खाना मत बनाना।

11 बजे मैं पहुँच गया बंगाली बाबू के घर पर। वहाँ 4-5 बंगाली ढोलक बाजा लिए वहाँ मौजूद थे, दोपहर 2 बजे तक साले न जाने क्या क्या गाते रहे।

फिर बंगाली बाबू खडे होकर बोले, "आज का भोजन समाप्त हुए, कोल फिर भोजन है टाईम से आ जाना। आपका बहुत बहुत धोन्यबाद।"

साले के भजन के चक्कर मुझे भोजन नहीं मिला।
एक बार एक एक बुज़ुर्ग आदमी ने देखा कि एक बच्चा घर के दरवाज़े पर लगी घंटी बजाने कि कोशिश कर रहा होता परन्तु उसका हाथ घंटी तक नहीं पहुँच पा रहा होता है, यह देख बुज़ुर्ग आदमी उस बच्चे के पास जाता है और उस से पूछता है;

बुज़ुर्ग: क्या हुआ बेटा?

बच्चा: कुछ नहीं मुझे यह घंटी बजानी है पर मेरा हाथ नहीं पहुँच रहा तो क्या आप मेरे लिए ये घंटी बजा देंगे!

यह सुन बूढ़ा आदमी तुरंत हाँ कर देता है और घंटी बजा देता है, और घंटी बजाने के बाद बच्चे से पूछता है;

बुज़ुर्ग: और बताओ बेटा क्या मै तुम्हारे लिए कुछ और कर सकता हूँ?

यह सुन बच्चा जवाब देता है;

बच्चा: हाँ अब मेरे साथ भाग बुढ्ढे वरना तू भी पिटेगा अगर मकान का मालिक बाहर आ गया तो!
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