नेता का बेटा अपने पिता से बोला, "पापा मुझे भी राजनीति में आना हैं, मुझे कुछ टिप्स दो।"

नेता: बेटा, राजनीति के तीन कठोर नियम होते हैं।

"चलो पहला नियम समझाता हूँ", यह कहकर नेता जी ने बेटे को छत पर भेज दिया और ख़ुद नीचे आकर खड़े हो गए।

नेता जी: छत से नीचे कूद जाओ।

बेटा" पापा, इतनी ऊंचाई से कुदूंगा तो हाथ पैर टूट जायेंगे।

नेता जी: बेझिझक कूद जा, मैं हूँ ना, पकड़ लूँगा।

लड़के ने हिम्मत की और कूद गया, पर नेताजी नीचे से हट गए।

बेटा धड़ाम से ओंधे मुंह गिरा और कराहते हुए बोला, "आपने तो कहा था मुझे पकड़ोगे, फिर हट क्यों गए?"

नेता जी: ये हैं पहला सबक "राजनीति में अपने बाप का भी भरोसा मत करो।"
एक मंत्री जी भाषण दे रहे थे, उसमें उन्होंने एक कहानी सुनाई!

एक व्यक्ति के तीन बेटे थे, उसने तीनों को 100-100 रुपये दिए, और ऐसी वस्तु लाने को कहा जिससे कमरा पूरी तरह भर जाये!

पहला पुत्र 100 रुपये की घास लाया...पर कमरा पूरी तरह नहीं भरा!

दूसरा पुत्र 100 रुपये की कपास लाया... उससे भी कमरा पूरी तरह नहीं भरा!

तीसरा पुत्र 1 रुपये की मोमबत्ती लाया... और उससे पूरा कमरा प्रकाशित हो गया!

आगे उस मंत्री ने कहा... हमारे राहुल जी उस तीसरे पुत्र की तरह हैं! जिस दिन से राजनीति में आये हैं उस दिन से हमारा देश उज्जवल प्रकाश और समृद्धि से जगमगा रहा है...

तभी पीछे से अन्ना की आवाज़ आई... "बाकी के 99 रुपये कहा है?!"
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