एक वकील मरने के बाद स्वर्ग चला गया जैसे ही स्वर्ग के दरवाजे पर पहुँचा वहां यमदूत बैठा हुआ था यमदूत ने कहा कि वकील साहब कहाँ चले हो यहाँ तो आपके लिए कोई जगह नहीं है!

वकील ने थोड़ा नाराज होते हुए कहा कि क्या कहा आपने?

तुमने सुना नहीं कि वकीलों के लिए कोई जगह नहीं है!

वकील ने कहा पर मैं एक अच्छा इंसान हूँ!

यमदूत ने कहा... अच्छा! तो बताओ जरा कौन कौन से अच्छे काम आपने किये है!

वकील ने कहा मरने से तीन हफ्ते पहले मैंने एक भूखे और गरीब आदमी को 1000 रूपए दिए!

यमदूत ने कहा अच्छा और कुछ!

मरने से दो हफ्ते पहले मैंने एक बेघर आदमी को 1000 रूपए दिए!

यमदूत ने कहा और कुछ!

वकील ने कहा मरने से एक हफ्ता पहले मैंने एक गूंगे और बहरे बच्चे को 1000 रूपए दिए!

यमदूत ने कहा ठीक है तुम यही ठहरो मैं पांच मिनट में यमराज जी से पूछ कर आता हूँ कि क्या करना है?

पांच मिनट बाद यमदूत आया और वकील से कहने लगा देखो मैंने यमराज जी से बात की उन्होंने कहा कि ये लो उसके 3000 रूपए और कहो कि यहाँ से चला जाए!
एक बार एक पुजारी और वकील मर गए और दोनों स्वर्ग के दरवाजे पर खड़े हो गए, यमदूत ने उन दोनों को अन्दर भेजा और दोनों अन्दर चले गए।

अन्दर एक और यमदूत खड़ा था जो उन दोनों को उनके कक्ष तक ले गया।

पहले पुजारी को उसके कक्ष तक छोड़ा जो एक छोटा सा कमरा था जिसमें एक बिस्तर और छोटा सा डैस्क लगा था पुजारी ने यमदूत को धन्यवाद कहा और यमदूत वकील को लेकर उसके कक्ष कि तरफ चल पड़ा।

जब वो दूसरे कक्ष के पास पहुँचा तो ये एक बहुत बड़ा कमरा था जिसमे डबल बेड, एक बड़ी अलमारी, किताबों से भरा हुआ रैक और एक सुन्दर औरत और भी बाकि सभी प्रकार की सुविधाओं से वो कमरा भरा हुआ था।

वकील ने कहा कि मुझे यह समझ नहीं आया कि आपने पुजारी को एक छोटा सा कमरा दिया और मुझे सारी सुविधाओं से भरा ये इतना बड़ा कमरा?

इस पर यमदूत बोला,"साहब हमारे पास यहाँ स्वर्ग में बहुत से पुजारी है पर वकील आप पहले हैं इसलिए।"
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