अमिताभ ने साझा की पिता हरिवंश राय बच्चन की कविता, कहा 'दीवा जलाना कब मना है'
इस समय हर व्यक्ति कोरोना वायरस महामारी से खुद को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है. फ़िल्मी जगत के सितारे इस बीच लोगों को इस वायरस के बारे में चेताने के लिए तरह - तरह से कोशिशें कर रहे हैं. हाल ही में अमिताभ बच्चन ने पूरे देश के कलाकारों के साथ मिलकर 'फॅमिली' नाम की एक शोर्ट फिल्म बनायी थी जिसमे उन्होंने ये सन्देश दिया की कैसे हम घर पर रह कर ही सुरक्षित रह सकते है और अब बड़े बच्चन ने इस काम को और आगे ले जाते हुए अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की एक पुरानी कविता साझा की है.

अमिताभ ने हाल ही में एक विडियो साझा किया जिसमे वे अपने पिता हरिवंश राय बच्चन की कविताओं की एक किताब पढ़ते हुए नज़र आ रहे हैं और बैकग्राउंड में उनकी आवाज़ में वो कविता का गान करते हुए सुनाई देते हैं. ये विडियो बेहद ही सुन्दर है और फैन्स भी इसे खुद लिखे और शेयर कर रहे हैं. लविता का शीर्षक है 'है अंधेरी रात पर दीवा जलाना कब मना है'. अमिताभ ने इसे साझा करते हुए लिखा "बाबूजी और उनकी आशा भारी कविता को याद करता हूँ बाबूजी कवि सम्मेलनों में ऐसे ही गा के सुनाया करते थे ।". देखिये विडियो -



फ़िल्मी परदे पर अमिताभ हमें इस साल चार - चार फिल्मों में नज़र आएँगे जिनमें शूजित सरकार की 'गुलाबो सिताबो', नागराज मंजुले की 'झुण्ड',अयान मुख़र्जी की 'ब्रह्मास्त्र' और रूमी जाफरी की 'चेहरे शामिल हैं हालांकि इन सभी फिल्मों की रिलीज़ कोरोना वायरस के कारण आगे बढ़ सकती है. बता दें की अब तक भारत में करना वायरस के कुल 5000 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं और कुल 149 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.
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